जिले में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब बिना सूचना के किरायेदार रखना या बाहरी व्यक्तियों को ठहराना आसान नहीं होगा।
भा.ना.सु.सं. 2023 की धारा 163 के तहत आदेश लागू
कलेक्टर नेहा मीना के निर्देश पर अपर जिला दण्डाधिकारी चंदरसिंह सोलंकी ने पूरे जिले में यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।
क्यों लिया गया ये फैसला?
झाबुआ जिला गुजरात और राजस्थान की सीमा से जुड़ा है, जहां बाहरी लोगों का आना-जाना ज्यादा रहता है। कई बार सही जानकारी न होने से पुलिस जांच में परेशानी और सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है।
अब क्या-क्या करना होगा अनिवार्य? मकान मालिकों के लिए
किरायेदार रखने से पहले थाने में सूचना देना जरूरी
आधार कार्ड / वोटर ID / ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी रखना अनिवार्य
घरेलू व व्यावसायिक कर्मचारियों के लिए
नौकरी पर रखने से पहले पुलिस को जानकारी देना
पहचान पत्र की कॉपी सुरक्षित रखना
होटल, लॉज और धर्मशालाएं हर व्यक्ति का ID लेना जरूरी हर महीने ठहरने वालों की सूची थाने में देना डिलीवरी और कूरियर कंपनियां घर-घर जाने वाले कर्मचारियों की जानकारी पुलिस को देना ID प्रूफ रखना अनिवार्य प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियां सभी गार्ड्स की जानकारी थाने में जमा करना जरूरी 03 अप्रैल 2026 से 03 जून 2026 तक लागू
उल्लंघन पर क्या होगा?
आदेश तोड़ने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी।
जनहित में लिया गया फैसला
प्रशासन का कहना है कि यह कदम जिले की शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है।