मदरानी चौकी पर सवाल

मदरानी, हितेन्द्र पंचाल।

ग्राम मदरानी में कानून व्यवस्था की कमजोर स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बीती रात अज्ञात चोरों द्वारा गांव के कई घरों और दुकानों के बाहर लगे बल्ब चोरी कर लिए जाने की घटना से क्षेत्र में दहशत और असुरक्षा का माहौल बन गया है। यह घटना न केवल छोटी चोरी की वारदात है, बल्कि ग्रामीणों के अनुसार यह पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को उजागर करती है।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले लगभग 2 से 3 महीनों से मदरानी पुलिस चौकी पर स्थायी चौकी प्रभारी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। वर्तमान में केवल 2 से 3 पुलिसकर्मियों के भरोसे पूरी चौकी का संचालन किया जा रहा है, जिसके कारण क्षेत्र में नियमित गश्त और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लगभग कमजोर पड़ चुकी है।

पहले भी उठ चुकी है सुरक्षा व्यवस्था की मांग

ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पूर्व पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार द्वारा मदरानी चौकी का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान ग्रामीणों ने खुलकर स्टाफ की कमी, क्षेत्र में सक्रिय संदिग्ध युवकों की गतिविधियों, तेज रफ्तार वाहनों और तेज साइलेंसर की आवाजों से उत्पन्न हो रही परेशानियों को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त की थीं।

उस समय पुलिस अधीक्षक द्वारा जल्द ही चौकी प्रभारी की नियुक्ति और आवश्यक पुलिस स्टाफ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन के बावजूद अब तक धरातल पर कोई ठोस बदलाव नहीं हुआ है।

छोटी चोरी या बड़े खतरे की चेतावनी?

बल्ब चोरी जैसी घटना को ग्रामीण भले ही छोटी वारदात मान रहे हों, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना एक चेतावनी है। यदि समय रहते पुलिस व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया, तो आने वाले समय में बड़ी चोरी, लूटपाट या अन्य आपराधिक घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों में यह भी चर्चा है कि क्षेत्र में गश्त की कमी के कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। इससे आम नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं में भय का माहौल बनता जा रहा है।

ग्रामीणों की स्पष्ट मांग

क्षेत्रवासियों ने एक स्वर में मांग की है कि मदरानी पुलिस चौकी में जल्द से जल्द स्थायी चौकी प्रभारी की नियुक्ति की जाए तथा पर्याप्त पुलिस स्टाफ उपलब्ध कराया जाए, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अब ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है, जिससे क्षेत्र में बढ़ रहे भय और असुरक्षा के माहौल को समाप्त किया जा सके।

ग्रामीणों का सवाल गूंज रहा है

गांव में अब सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है

आखिर कब मिलेगी मदरानी चौकी को स्थायी प्रभारी और कब मजबूत होगी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था ।