क्षेत्र जाने जाने-माने भागवतचार्य महंत पंडित मंगलेश्वर दास बैरागी पंचतत्व में विलीन

झकनावदा सै पियूष राठोङ – भगवान श्री कृष्ण के परम् उपासक एवं भागवतचार्य महंत मंगलेश्वरदास जी बैरागी का लम्बी बीमारी के चलते उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। श्री बैरागी भागवत कथा,शिव महा पुराण, नानी बाई रो मायरो, सुंदरकांड,श्री राम चरित्र मानस जैसे धार्मिक ग्रंथों में हमेशा लिन रहते थे। एवं आप हसमुख मिजाज एवं सरल स्वभाव के धनी थे। आप अपनी सुमधुर वाणी से श्रीमद भागवत कथा के लिए मधयप्रदेश के साथ ही गुजरात,राजस्थान में सुप्रसिद्धि हासिल कर चुके थे। श्री बैरागी के निधन की खबर सुन नगर व आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बैरागी का अंतिम संस्कार माही नदी के तट श्रंगेश्वर धाम पर किया गया। अंतिम यात्रा में राजस्थान,गुजरात से बड़ी संख्या में लोग सम्मिलित हुए। सिंघेश्वर धाम पर राठौर समाज ब्राह्मण समाज वैष्णव समाज सीरवी समाज व बाहर से स आए हुए उनके अनुयायियों ने महंत श्री को श्रद्धांजलि अर्पित की।