“कल्याणपुरा में कानून की धज्जियां: चोरी के बाद दुकान, कार और घर में आग, पुलिस गायब!”

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उमेश चौहान/झाबुआ

झाबुआ ज़िले के कल्याणपुरा में बीती रात अपराधियों ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए न सिर्फ़ भीषण चोरी की, बल्कि दुकान के बाहर खड़ी कार और घर में आग लगाकर पूरे गांव में दहशत फैला दी। वारदात मुख्य चौराहे पर हुई, जहाँ बदमाशों ने पहले लाखों का सामान समेटा, फिर निकलने से पहले वाहन और घरों को राख में तब्दील कर दिया। वहीं, कल्याणपुरा थाना प्रभारी और पुलिस की निष्क्रियता एक बार फिर बेनकाब हो गई। गश्त के नाम पर महज़ खानापूर्ति—घटना के समय न पुलिस गश्त, न समय पर पहुंची थाना प्रभारी।

अपराधियों के हौसले बुलंद, पुलिस मौन:

चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर लाखों का माल और नकदी पार कर दी।दुकान के बाहर खड़ी गाड़ी में और पास के घर में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गयी, जिससे गाड़ी पूरी तरह जल गई और घर में भयंकर नुकसान हुआ। आगजनी से दुकान के अंदर रखा माल, राशन, सामग्रियां और नकदी, सब जलकर राख हो गया।

जिम्मेदार कौन? थाना प्रभारी की नाकामी फिर उजागर:

आये दिन इस क्षेत्र में चोरी, लूट, आगजनी जैसी वारदातें हो रही हैं लेकिन पुलिस केवल कागजी खानापूर्ति में मशगूल है। घटना की सूचना के बावजूद थाना प्रभारी मौके पर घंटों तक नहीं पहुंचीं। ग्रामीणों की मानें तो गश्त सिर्फ कागजों पर, मैदान में पुलिस नदारद।

गांव में रोष, सवालों के घेरे में प्रशासन:

व्यापारियों और स्थानीय लोगों में डर और नाराजगी है, लगातार प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद हो रही है।लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी कड़ा एक्शन नहीं लिया गया, तो व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।

क्या प्रशासन सख्त कदम उठाएगा?

लोगों की मांग है, जिम्मेदारों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई हो और थाना प्रभारी सहित लापरवाह पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरे।यह घटना पुलिस व प्रशासन की निष्क्रियता और अपराधियों के हौसले बुलंद होने की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है।यह वारदात कल्याणपुरा सहित पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है—अब सवाल है कि आखिर पुलिस के जिम्मेदार कब नींद से जागेंगे?