झाबुआ डेस्क
झाबुआ एक्सप्रेस ने आज अवैध झोलाछाप क्लिनिको के खिलाफ प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था… जिसके बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने एक आदेश जारी किया हे जिसमें जिले भर में इन अवैध क्लिनिको पर कार्यवाही के आदेश जारी किए हे… अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार ब्लाक मेडिकल अधिकारी इन पर कार्यवाही करते हे या फिर सीएम साहब के आदेश हवा में उड़ाते हे…
यह लिखा हे आदेश में…
उपरोक्त विषय एवं संदर्भ में लेख है कि जिले में अपात्र फर्जी चिकित्सकों, अन्य प्रदेशों में पंजीकृत किन्तु मध्यप्रदेश में अमान्य चिकित्सा पद्धतियों, झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा रोगियों का उपचार किया जा रहा है। अधिकांश ऐसे चिकित्सक एलोपैथी पद्धति की औषधियां रोगियों को दे रहे है। बिना उपयुक्त ज्ञान के इस प्रकार का उपचार घातक होता है। ऐसे कई प्रकरण जिनमें अपात्र फर्जी चिकित्सकों के द्वारा किये गये गलत ईलाज के कारण मरीजों पर प्रतिकुल प्रभाव हुआ है। ऐसे अपात्र फर्जी चिकित्सकों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने हेतु कलेक्टर महोदय द्वारा संदर्भित आदेश अनुसार जाँच दल गठित किया जा कर निर्देशित किया गया है, संबंधित जाँच दल अपने अपने क्षैत्रान्तर्गत संचालित समस्त अपंजीकृत चिकित्सकीय संस्थानों एवं अपात्र व्यक्तियों/झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा किये जा रहे अमानक चिकित्सकीय व्यवसाय की सतत् जाँच कर नियमानुसार कार्यवाही करेगें तथा की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दजस्तावेजो सहित कार्यालय को उपलब्ध करवाऐंगे। इसके साथ ही निर्देशित किया जाता है कि आपके विकासखण्ड अंतर्गत टेक्नीशियनों के माध्यम से लेबोरेटोरी का संचालन किया जा रहा है जो कि शासन के आदेशो के विपरित है। अतः अपके कार्यक्षेत्र अंतर्गत एसी लेबोरटोरीयों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्यवाही करें एवं एसी लेबोरेटोरी की जानकारी तत्काल इस कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ।
इस संबंध में पूर्व में भी जानकारी प्रस्तुत करने हेतु आपको पत्र जारी किये गये है किन्तु आपकी ओर से आज दिनांक तक जानकारी अप्राप्त है। अतः आपको पूनः निर्देशित किया जाता है कि कलेक्टर महोदय के आदेश अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं पुलिस विभाग से समन्वय स्थापीत कर अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय करने वाले फर्जी चिकित्सकों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए जानकारी प्रत्येक सप्ताह इस कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। समय सीमा में जानकारी प्रस्तुत नहीं करने की दशा में आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी जिसकी समस्त जवाबदारी आप स्वयं की रहेगी। पत्र को प्राथमिकता देवें…






