रिपोर्टर /दिलीप मालवीय
हमेशा विवादों में रहने वाले शासकीय महाविद्यालय पेटलावद में एक और घोटाला यही के कर्मचारियों ने पकड़ा है।
विवरण : जेम पोर्टल से रुपए 25 लाख की खरीदारी सिर्फ
कमीशन के रुपए लेने के लिए तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य अपराधी घनश्याम दास बैरागी के द्वारा साथी कर्मचारियों को गुमराह कर उनके मोबाइल से झूठ बोलकर ओटीपी प्राप्त कर तथा बाद में सी. र. रिपोर्ट नकारात्मक लिखने की धमकी देकर, यह भ्रष्टाचारिक कृत्य किया गया है. बायर आईडी संगीता गोकर्ण मैडम के नाम की बनाकर उनकी ही ईमेल आईडी का का उपयोग उन्हें डरा धमका कर उनकी ईमेल आईडी के पासवर्ड तथा मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी लेकर अपराधी घनश्याम दास के द्वारा किया गया रुपए 25 लाख की खरीदी सिर्फ रुपए कमाने के उद्देश्य की गई है जिन विभाग में फैकल्टी नहीं है वहां पर भी खरीदी की गई महाविद्यालय के अन्य कर्मचारियों को भी डराया धमकाया गया सी.र. के नाम पर, घनश्याम दास ने कहा कि मैं प्राचार्य हूं और तुम सबका सर्विस रिकॉर्ड खराब कर दूंगा सीआर लिखना मेरे हाथ में है इसी डर के कारण कोई भी स्टाफ कर्मचारी घनश्याम दादा के खिलाफ नहीं बोल पा रहा है जबकि संगीता गोकर्ण मैडम के द्वारा विभाग के आला अधिकारियों को इसके संबंध में एक शिकायती पत्र भी लिखा गया है परंतु घनश्याम दास के द्वारा कार्रवाई को रुकवा दिया गया शायद उस पत्र को ऊपर तक जाने ही नहीं दिया जबकि घनश्याम दास ने 25 लाख का भुगतान उसके प्रभारी प्राचार्य पद के हट जाने के आदेश के बाद किया है घनश्याम दास को नौकरी से बर्खास्त किया जाए यह एक गंभीर मामला है इसकी विस्तृत उच्च स्तरीय बिंदुवार सूक्ष्मता से जांच करवाई जाए जांच प्रभावित न हो ऐसी व्यवस्था करें जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई हो जाने पर ही शिकायत को बंद करे हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे





