हितेंद्र पांचाल/झाबुआ
झाबुआ जिले के थांदला क्षेत्र में ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों और मतांतरण को लेकर जनजातीय समाज में गहरा असंतोष दिखाई दे रहा है। सोमवार को हिंदू युवा जनजाति संगठन के बैनर तले सैकड़ों युवाओं ने अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में आयोजित चर्च कार्यक्रम को निरस्त करने की मांग उठाई।

5वीं अनुसूची क्षेत्र में उल्लंघन का आरोप
जनजातीय संगठन का कहना है कि थांदला झाबुआ जिला संविधान की 5वीं अनुसूची में आता है, जहां प्राचीन सांस्कृतिक परंपराएं व निर्णय लागू होते हैं। ऐसे क्षेत्रों में मिशनरियों द्वारा मतांतरण के लिए किए जा रहे कार्यक्रम कानून के विरुद्ध बताए गए हैं। ग्राम डूंगरीपाड़ा में पलवाड़ी मां के नाम से बने चर्च पर भी गंभीर आरोप लगाए गए, जिसमें कहा गया कि यह जनजातियों की आस्था को तोड़ने और समाज को बांटने का काम कर रहा है।





