जब कोई बेटा अपने संघर्ष, अनुशासन और मेहनत से पुलिस की वर्दी पहनकर घर लौटता है, तो वह क्षण केवल एक परिवार नहीं बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व का बन जाता है। ऐसा ही भावुक और गौरवपूर्ण दृश्य ग्राम पंचायत मकोडिया के कसाडिया फलिया में देखने को मिला, जब नाहरसिंह भाबर प्रशिक्षण पूर्ण कर अपने घर पहुंचे।
पिता वागू भाबर के सुपुत्र नाहरसिंह का चयन मध्यप्रदेश पुलिस की जीआरपी (रेलवे पुलिस) में रक्षक पद पर हुआ है। उनकी पोस्टिंग जबलपुर रेलवे जोन में की गई है। नाहरसिंह अपने परिवार के पहले सदस्य हैं जिन्होंने सरकारी सेवा में चयनित होकर इतिहास रचा है।
घर पहुंचते ही नाहरसिंह ने पुलिस परेड की शैली में अपने माता-पिता को सलामी दी और माला पहनाकर उनका सम्मान किया। इसके बाद उन्होंने अपनी पुलिस टोपी माताजी के सिर पर रखकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य देखकर परिवारजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और वातावरण तालियों से गूंज उठा।
यह सफलता वर्षों की मेहनत, माता-पिता के त्याग और नाहरसिंह की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। ग्रामीणों ने इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया और नवयुवकों से नाहरसिंह के पदचिन्हों पर चलने का आह्वान किया।
नाहरसिंह भाबर की यह सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण अंचल से निकलकर भी लगन, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।