देवली में मिट्टी में दबा मिला नवजात, थाना प्रभारी गीता जाटव की तत्परता से बची मासूम की जान
रायपुरिया पुलिस की तत्परता को सलाम, ग्रामीणों की सजगता से समय रहते अस्पताल पहुंचा मासूम
लक्की राठौड़, झाबुआ ✍️
रायपुरिया। थाना क्षेत्र के ग्राम देवली में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों को एक नवजात शिशु मिट्टी में दबा हुआ मिला। बताया जा रहा है कि नवजात उस समय जीवित अवस्था में था। ग्रामीणों ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रायपुरिया थाना प्रभारी गीता जाटव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और नवजात को सुरक्षित बाहर निकलवाकर उपचार के लिए पेटलावद सिविल अस्पताल पहुंचाया।
थाना प्रभारी गीता जाटव की तत्परता को सलाम
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गीता जाटव द्वारा दिखाई गई तत्परता और संवेदनशीलता की क्षेत्र में सराहना हो रही है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नवजात को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। समय पर मिली मदद और पुलिस की सक्रियता के चलते मासूम को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया जा सका।
थाना प्रभारी गीता जाटव ने चर्चा में बताया कि नवजात फिलहाल स्वस्थ है। बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है तथा मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
मिट्टी में दबा मिला मासूम, ग्रामीणों ने दिखाई इंसानियत
जिस मासूम को जन्म के बाद मां की गोद और परिवार का सहारा मिलना चाहिए था, वह मिट्टी में दबा मिला। घटना ने हर किसी को झकझोर दिया। ग्रामीणों की सजगता और तत्काल पुलिस को सूचना देने से नवजात को समय पर उपचार मिल सका।
कौन छोड़ गया नवजात? जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नवजात को जन्म के बाद मिट्टी में किसने दबाया और इसके पीछे क्या वजह थी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की जानकारी जुटाई जा रही है।
नवजात को इस हालत में छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान और घटना की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।
रायपुरिया पुलिस और थाना प्रभारी गीता जाटव की समय पर की गई कार्रवाई ने एक मासूम को तत्काल चिकित्सा सहायता दिलाई—इस संवेदनशीलता और तत्परता को सलाम।