संत कमलकिशोर नागर जी को धमकी से सर्व समाज में आक्रोश, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
कथित जान से मारने की धमकी की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, संत महाराज व परिवार को ‘Z+’ सुरक्षा देने की उठी आवाज
लक्की राठौड़ झाबुआ ✍️
पेटलावद। सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं संत श्री कमलकिशोर जी नागर महाराज को 4 सितंबर 2026 को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर बुधवार को सर्व समाज के लोगों ने आक्रोश जताते हुए राज्यपाल के नाम पेटलावद पुलिस एवं तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा संत महाराज एवं उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि संत कमलकिशोर जी नागर महाराज सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए देश-प्रदेश में धार्मिक कथाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उन्हें कथित रूप से जान से मारने की धमकी मिलने की घटना से उनके अनुयायियों और सर्व समाज में आक्रोश का माहौल है।
SIT या विशेष एजेंसी से हो निष्पक्ष जांच
सर्व समाज ने मांग की कि 4 सितंबर को हुई घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच SIT अथवा विशेष एजेंसी से कराई जाए। ज्ञापन में कहा गया कि जांच के माध्यम से कथित साजिश के पीछे शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
साथ ही मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की गई।
संत महाराज और परिवार को ‘Z+’ सुरक्षा देने की मांग
ज्ञापन में संत कमलकिशोर जी नागर महाराज और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। सर्व समाज ने उनकी लोकप्रियता एवं देश-प्रदेश में होने वाले धार्मिक आयोजनों को देखते हुए ‘Z+’ सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि किसी भी संभावित खतरे से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
“मामले को गंभीरता से लेकर हो त्वरित कार्रवाई”
ज्ञापन सौंपने वाले लोगों ने कहा कि मामला केवल संत महाराज की व्यक्तिगत सुरक्षा का नहीं, बल्कि उनके साथ जुड़े लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने राज्यपाल से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रशासन को त्वरित और उचित कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की।
सर्व समाज ने दो टूक कहा—धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई हो और संत महाराज व उनके परिवार की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।